आज भारत गणराज्य के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी शिरडी के साईं बाबा दरबार में अपना सर झुकाया। अवसर था साईं बाबा के समाधी लेने के सौ वर्ष पुरे होने के समापन का. .समाधी के सौ वर्ष पुरे के होने के कार्यक्रम के शुरुआत में भारत गणराज्य के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आएं थें जिन्होंने शहर को नए एयरपोर्ट दिया था. आज प्रधानमंत्री समाधी के सौ वर्ष पुरे होने के समापन कार्यक्रम में शामिल होनें आएं थें. इस अवसर उन्होंने अपने सरकार के उपलब्धियों को भी गिनाया। 

प्रधानमंत्री और इससे पहले राष्ट्रपति का शिरडी जाना महत्वपूर्ण था क्योकि आज से लगभग तीन साल पहले 29 अक्टूबर 2015 को होशगाबाद और भोपाल में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कुछ पोस्टर जारी किया था जिसमें  हनुमान जी को साईं बाबा को गदा से मारते हुए दिखाया गया था. पोस्टर पर लिखा था कि साईं बाबा पाकिस्तान भाग रहें हैं. 

शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने साईं  बाबा को प्रेत और पिचाश कहा था. उन्होंने कहा था कि अगले तीन सालो में भगवान हनुमान साईं बाबा को भारत से खदेड़कर पाकिस्तान भेज देंगें। साथ ही  उन्होंने यह भी कहा था कि साईं बाबा का असली नाम चाँद मियाँ है.

2015 10 29 Shankaracharya Swami Swaroopanand Saraswati showing posters prepared by his disciples of Sai Baba of Shirdi

उन्होंने जो पोस्टर जारी किया था उसपर लिखा ” हनुमान जी ने खदेड़ा साईं चाँद मियाँ को, बजरंग  हुए क्रोधित  साथ राम नाम  जोड़ने पर बजरंग बली ने किया साईं मियाँ के पाखण्ड अंत.” 

शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती हनुमान जी  द्वारा साईं बाबा को भारत  भगा सकें लेकिन राष्ट्रपति और प्रधानमंत्रि जरुर दरबार में में पहूंच गए.  

PM Narendra Modi Offer Prayer to the Sai Temple at Shridi, Photo Credit NarendraModi.In

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने अपने कार्यो को गिनाते हुए कहा कि पिछले चार वर्षो में सिर्फ 25 लाख घरो किया गया जबकि उनकी सरकार ने पिछले चार सालो में एक करोड़ 25 लाख घरो का निर्माण किया. उन्होंने आयुष्मान भारत मिशन के सफलता की भी चर्चा करते हुए उन्होने कह कि इस कार्यक्रम के तहद लभुको को औसतन 20 हजार रुपये का लाभ मिला है.

उन्होने अपने सम्बोधन क अंत समाज को जोडने के अह्वान से किया. उन्होने कहा कि हमें आम्बेद्कर, फुले के रास्ते चलना होगा. पर्यटन को बढावा पर जोर देते हुए अजंता एलोरा का भी जिक्र किया.