साबरमती होस्टल, JNU के निर्वाचित अध्यक्ष राधवेंद्र मिश्रा, पीएचडी स्कॉलर संस्कृत, ने शिकायत की थी कि 5 सिंतबर 2018 को उनके कमरे में घुसकर कुछ लोगो ने उनपर हमला किया और जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने प्रशासन से इसकी लिखित शिकायत भी थी।

इस शिकायत के सात दिन हो गए लेकिन राधवेंद्र जी के अनुसार आज तक इसपर कोई कार्यवाही नहीं की गई। उन्होंने प्रशासन से अपनी सुरक्षा की लगाते हुए सुरक्षा की गुहार लगाईं थी. राधवेंद्र प्रशासन के रवैये से खुश नहीं है और उनका कहना है कि वे डरे हुए महशुस  करतें हैं. उनका यहाँ तक कहना कि घटना के बाद कुछ लोग बेवजह साबरमती हॉस्टल में घूम रहें थें. इसमें उमर खालिद भी था. जब उनसे पूछा गया कि हॉस्टल में कोई भी आ जा सकता है सबको घूमने की आजादी है, तो उनका कहना था कि उसका इरादा ठीक नहीं था. 

पिछले चार वर्षो में प्रशासन ने हिंसा से सम्बंधित कई शिकायतों पर कोई ठोस कार्यवाही की है. उसने सत्ता से सम्बंधित लोगो का पक्ष लिया है. इसके कारन भी कैंपस में स्थिति बिगड़ी है. 

राधवेंद्र का यह भी कहना है कि वे जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (JNUSU) के अध्यक्ष पद के लिए वे उम्मीदवार थें लेकिन उन्हें चुनाव नहीं लड़ने दिया गया. गलत तरीके से उनका नामांकन रद्द कर दिया गया. 

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द नेशनल प्रेस से उन्होंने इस सम्बन्ध में बात की उसे सुनिए –

https://youtu.be/Bb3Yjea_EV4