आज 15 जनवरी, 2019 को सुश्री  मायावती जी का जन्मदिन है. देश के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में, इस वर्ष सुश्री कुमारी बहन मायावती जी के जन्मदिन मनाने को लेकर कैंपस बड़ा उत्सुक रहा. उनके जनदिन मनाने के लिए एक बैठक भी हुई थी. वामपंथ के गढ़ में यह एक नई राजनीतिक परिघटना थी. लेकिन पिछले 7-9 वर्षो में JNU का सामाजिक, राजनैतिक, बौद्धिक बदलाव और विभिन्न वर्गों का जो  प्रतिनिधित्व बदला है उसे देखते हुए यह एक स्वाभाविक घटना थी. फिर भी नई थी.  

 14 जनवरी, 2019 की रात को बड़ी संख्या में लोग गंगा ढाबा, JNU पर एकत्रित होकर घडी की सुइयाँ एक होने का इंतज़ार करने लगे. जैसे ही 12 बजा लोग एक दूसरे को सुश्री कुमारी बहन मायावती जी के जन्मदिन की बधाई देने लगे.

उनके जन्मदिन का केक काटा गया, जन्मदिन के गीत गाये गए और लोगो ने हर्षोल्लास के साथ एक दूसरे को केक खिलाया.

सुश्री कुमारी बहन मायावती जी के जन्मदिन मनाना कई मामलों में महत्वपूर्ण था.

उनके जन्मदिन मनाने में सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी की भाजपा-कांग्रेस को छोड़ सभी दलो और छात्र संगठनो के लोगो ने भाग लिया. उनके जन्मदिन को शोषित-वंचित समाज के लोगो का राजनीति में हिस्सेदारी-भागीदारी के रूप में मनाया गया. उपस्थित लोग जो विभिन्न संगठनो-दलो से ताल्लुक रखतें थें ने सुश्री कुमारी बहन मायावती जी के जीवन संघर्ष और शोषित-वंचित समाज समाज के राजनीति पर प्रकाश डाला. 

सुश्री कुमारी बहन मायावती जी का जन्मदिन जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के परम्परा में ढलते हुए एक विचार गोष्ठी के रूप में तब्दील हो गया. जिसमें उपस्थित साधारण छात्र-छात्रों से लेकर विभिन्न संगठनो के पदाधिकारियों ने अपनी-अपनी बात रखी.

वक्ताओं ने देश के इतिहास, वर्तमान सामाजिक परिस्थिति और भविष्य की चिंताओं सहित इसके निबटने के लिए रणनीतियों की भी चर्चा की.

उनके जनदिन का आयोजन एक स्वतः स्फूर्त परिघटना थी, जो भारतीय समाज में किसी नेता-नेत्री के लिए सामान्य बात नहीं है. और किसी के जिन्दा रहते विभिन्न संगठन-समाज के लोग उसमें शामिल हों, यह विरले होता है. वह भी तब जब इसका आयोजन उनकी पार्टी नहीं बल्कि शोषित-वंचित समाज विधार्थियों का सामूहिक प्रयास था.

JNU में आयोजित आदरणीय सुश्री कुमारी बहन मायावती जी के जन्मदिन के कार्यक्रम में राष्ट्रीय लोक समता पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, जनता दल यूनिटेड, लोकतान्त्रिक जनता दल, यूनाइटेड दलित स्टूडेंट्स फोरम, बहुजन साहित्य संघ, बिरसा आंबेडकर फुले स्टूडेंट्स एसोसिएशन, आदि ने भाग लिया.

दिल्ली के कड़ाके की ठण्ड में खुले आसमान में आदरणीय सुश्री कुमारी बहन मायावती जी के जन्मदिन मनाने के लिए 14.01.2019 के राज 11 PM बजे से लेकर 15.01.2019 के रात 2 AM बजे तक लोग साथ बनें रहें और विचार-संवाद चलता रहा यह सम्मान बहुत काम लोगो को मिलता है.

लेकिन इसी बिच कुछ लोग इसे बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के मिलन के रूप में भी मना रहें थें. कुछ लोग इसे इसे भाजपा को हारने और लोकतंत्र को बचाने के नामपर इसे दो जातियों के सत्ता में बनें रहने के लिए प्रपंच के रूप में भी देख रहें थें.

साथ ही 15 जनवरी को ही समाजवादी पार्टी की नेत्री और सांसद डिम्पल यादव के जन्मदिन होने के कारण दोनों की तुलना भी कर रहें थें. इस पर जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के पीएचडी शोधार्थी और दिल्ली यूनिवर्सिटी के शिक्षक धर्मराज कुमार ने अपने फसेबूक पर 15.01.2019 को लिखा है – “सपा-बसपा गठबंधन के नाम पर डिंपल यादव को मायावती के बराबर खड़ा करने की कोशिश जारी है। यह वैसा ही उदाहरण है जैसे 6 दिसंबर को बाबरी विध्वंस करवाकर अम्बेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस को ध्वस्त करने की कोशिश की गई। अगर सपा-बसपा के गठबंधन का यही उद्देश्य है तो लानत है ऐसे गठबंधन पर।” इसपर राजेंद्र यादव ने टिपण्णी की है कि – “इतनी नकारात्मकता ठीक नही है गुरु जी,आप खुद खड़ा करहे हैं मुझे लगता है,” जिसके रिप्लाई में धर्मराज कुमार ने कहा है कि – “जी, मैं अभी खुद खड़ा होने के लिए जद्दोजहद कर रहा हूँ। यह सब जगह दिख रहा है। बस आप देखना नहीं चाह रहे हैं।” 

जन्मदिन कार्यक्रम के अंत में सभी लोग अपनी-अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धताओं से ऊपर उठकर कहा कि उन्हें ख़ुशी होगी अगर 2019 में आदरणीय सुश्री कीमारी बहन मायावती देश की प्रधानमंत्री बनती हैं.