बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एससी, एसटी, इबीसी, ओबीसी महापंचायत ने निर्णय लिया है कि 10 प्रतिशत सवर्ण आरक्षण और 13 पॉइंट आरक्षण रोस्टर के खिलाफ, दलितों, आदिवासियों, और पिछड़ों को गोलबंद कर मजबूत प्रतिरोध खड़ा किया जाएगा. महापंचायत की मीटिंग में 10 प्रतिशत सवर्ण आरक्षण और 13 पॉइंट आरक्षण रोस्टर के खिलाफ दलितों, आदिवासियों, और पिछड़ों ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन के लिए एकजुटता का भी इजहार किया.

सामाजिक न्याय आंदोलन, बिहार के बैनर तले संविधान व दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों के आरक्षण पर बढ़ते हमले के खिलाफ सामाजिक न्याय के मुद्दों पर 27 जनवरी को पटना के गर्दनीबाग में दलितों, आदिवासियों, अतिपिछड़ों, और पिछड़ों का महापंचायत आयोजित हुआ.

महापंचायत में राज्य के विभिन्न हिस्सों से सामाजिक न्याय के लिए संघर्षरत सैकड़ों सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ताओं, छात्रों व बुद्धिजीवियों ने भागीदारी की. महापंचायत में रिहाई मंच (उत्तर प्रदेश) और झारखंड जनतांत्रिक महासभा के नेताओं ने भी भागीदारी की.

ST SC EBC OBC Mahasabha Meeting in Patna, Bihar Regarding 10% “Upper Caste Reservation and 13 Point Reservation Roster on 27.01.2019

इस मौके पर सामाजिक न्याय आंदोलन, बिहार के कोर कमिटी सदस्य हरिकेश्वर राम ने कहा कि “10 प्रतिशत सवर्ण आरक्षण लागू करने के जरिए भाजपा और नरेन्द्र मोदी सरकार ने संविधान के मूल संरचना पर हमला किया है. सामाजिक न्याय व आरक्षण की अवधरणा पर चोट किया है. इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है. इस बड़े हमले का निर्णायक प्रतिरोध होना चाहिए.”

रिहाई मंच (उत्तर प्रदेश) के राजीव यादव ने कहा कि सत्ता-शासन की संस्थाओं व विभिन्न क्षेत्रों में सवर्णों का प्रतिनिधित्व पहले से ही आबादी के अनुपात से कई गुना ज्यादा है. फिर भी सवर्णों को आरक्षण दिया जा रहा है. दर हकीकत, सवर्ण आरक्षण के जरिए दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों के प्रतिनिधित्व व आरक्षण पर बड़ा हमला बोला गया है.

जेएनयू में सामाजिक न्याय के संघर्ष और झारखंड जनतांत्रिक महासभा के नेता वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि “विश्वविद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति में विभागवार 13 प्वाइंट रोस्टर सवर्ण आरक्षण के बाद बहुजनों पर दूसरा बड़ा हमला है. 13 प्वाइंट रोस्टर के जरिए उच्च शिक्षा केन्द्र से बहुजनों को बेदखल करने की मनुवादी साजिश आगे बढ़ रही है. 13 प्वाइंट रोस्टर में आदिवासियों के लिए कोई जगह ही नहीं है.”

ST SC EBC OBC Mahasabha Meeting in Patna, Bihar Regarding 10% “Upper Caste Reservation and 13 Point Reservation Roster on 27.01.2019

“सामाजिक न्याय आंदोलन, बिहार के कोर कमिटी सदस्य रिंकु यादव ने कहा कि सवर्ण आरक्षण के मसले पर बहुजन राजनीतिक धाराओं व राजनेताओं का मनुवाद से यारी और सामाजिक न्याय से गद्दारी खुलकर सामने आ गया है. ऐसी स्थिति में बहुजन समाज को सड़कों पर आना ही होगा. सामाजिक-राजनीतिक दावेदारी को बुलंद करना होगा.”

उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ राजनीतिकर्मी बलवंत यादव ने कहा कि मनुवादी हमले और सवर्ण वर्चस्व के खिलाफ नये दौर में नये सिरे से बहुजन एकता और सामाजिक न्याय आंदोलन को गढ़ने की चुनौती को कबूल करना ही होगा.

महापंचायत के बैठक में निम्नलिखित निर्णय लिए गए-

– सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के संविधान विरोधी फैसले और 13 प्वाइंट रोस्टर का विरोध

– दलितों, आदिवासियों, अतिपिछड़ों, पिछड़ों को संख्यानुपात में प्रतिनिधित्व की गारंटी के लिए 50 प्रतिशत की आरक्षण सीमा को बढ़ाकर 69 प्रतिशत करने के लिए आंदोलन

– दलितों, आदिवासियों, अतिपिछड़ों, पिछड़ों को न्यायपालिका व अन्य क्षेत्र सहित निजी क्षेत्र में आरक्षण देने की मॉंग

– जाति-जनगणना को सार्वजनिक करने की माँग सहित अन्य माँगो पर विचार किया गया तथा इसके लिए आंदोलन करने की जरुरत पर बल दिया गया.

महापंचायत की अध्यक्षता विष्णुदेव मोची और संचालन बाल्मिकी प्रसाद ने किया.

महापंचायत को प्रमुख तौर पर, गौतम कुमार प्रीतम,अंजनी, केदार पासवान,आजाद कुमार, रामानंद पासवान, रामप्रवेश राम, पूर्व विधायक एन. के. नंदा, के. डी. यादव, राकेश चंद्रवंशी, योगेन्द्र पासवान, बाबुलाल मांझी, गिरिजाधारी, अमीष कुमार चंदन, सूरज यादव, सौरभ, जितेन्द्र, अभिषेक आनंद, मिथिलेश विश्वास, विभूति, सोनम, विभाष दास, कबीर राज सहित कई लोगो ने संबोधित किया.

यह समाचार सोनम कुमार, भागलपुर, बिहार द्वारा प्राप्त हुआ.