गणतंत्र दिवस (26/01/2019) के अवसर पर एस0 एम0 मेमोरियल स्कूल, सिंगपुर, कोल्हुवार, डुमरिया में गणतंत्र दिवस सह शिक्षा जागरूकता समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में मूलनिवासी संघ के बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष अविनाश महतो, विशिष्ट अतिथि डुमरिया पूर्व प्रमुख श्री रामचन्द्र प्रसाद, पूर्व मुखिया कोल्हुवार केदार दास, पूर्व मुखिया सह पैक्स अध्यक्ष नन्दई श्री सुरेन्द्र  प्रसाद, और शिक्षक केदार प्रसाद उपस्थित हुए. सभी ने संयुक्त रूप से दिप प्रज्जवलित कर विद्यालय के सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में विद्यालय के बच्चों ने एक से बढकर सांस्कृतिक कार्यक्रम कार्यक्रम प्रस्तुत किया।

मुख्य अतिथि अविनाश महतो ने अपने सम्बोधन में कहा कि शिक्षा के बिना कुछ भी हाशिल नही किया जा सकता है। बिना शिक्षा के अपने हक अधिकार और कर्तव्यों को न लिया जासकता है ना ही समझा जा सकता है। पूर्व प्रमुख रामचन्द्र बाबु ने कहा समाज का कल्याण शिक्षा का अलख जगाकर ही संभव है।

Republic Day Devchandih Gaya Bihar, 26 01 2019, Photo: The National Press

सामाजिक मुद्दों पर क्षेत्र के सक्रीय युवा मुकुल कुमार ने कहा कि हमारा समाज अभी बहुत पिछड़ा हुआ है अभी भी शिक्षा का समुचित विकास नहीं हुआ है, जिसके कारण हमारा समाज पिछड़ा हुआ है. समाज से लगभग नहीं के बराबर भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय पुलिस सेवा में हैं. यह स्थिति चिंतनीय है.

कार्यक्रम के बाद द नेशनल प्रेस को उन्होंने बताया कि एक तरफ अत्यंत पिछड़ा समाज में पहले से ही शिक्षा और उच्च शिक्षा में नहीं है ऊपर से यूनिवर्सिटी में 200 पॉइंट रिजर्वेशन रोस्टर की जगह 13 रिजर्वेशन रोस्टर लाकर इसे और भी पिछड़ा बनाने की साजिश रच रही है. वे एक स्कूल भी चलाते हैं और कि वे प्राथमिक स्तर से बच्चो को सामाजिक मूल्यों पर जोर देने वाला शिक्षा का प्रसार कर रहें हैं.

नीरज कुमार जो गया में अंग्रेजी के कोचिंग देतें हैं ने बताया कि बिहार प्रतिभा की नहीं शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी सहयोग और राजनीतिक इच्छा शक्ति की कमी है. यही कारण है कि लोगो को कोचिंग लेनी पड़ती है.

ग्रामीण स्तर पर इस तरह के कार्यक्रम यह दर्शाता है कि देश में शिक्षा के प्रति और भी जागरूकता आई है और आम जन में शिक्षा के प्रति सरकार और राजनीतिक दलो के प्रति गुस्सा बढ़ा है. इन्हीं मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी बिहार में आंदोलित है. देखना है 2019 के लोक सभा चुनाव और 2010 के बिहार विधान सभा चुनाव में जनता इसपर कैसी प्रतिक्रिया करती है.