आज फिर एक दलित बेटी को साजिश का शिकार बनाकर मार दिया गया दरअसल यह घटना बिहार कैमूर जिले के रामगढ़ प्रखंड के बडौरा गांव की है घटना घटने का समय 16 जनवरी शाम 4:00 बजे की है।

गांव वाले एवं परिजनों का कहना है कि इस बच्ची के पापा बाहर रहते हैं जो की बच्ची के खाते में पैसा डाले थे इस पैसे को निकालने हेतु बच्ची लगभग 1 महीने से लगातार बैंक का चक्कर लगा रही थी लेकिन बैंक मैनेजर लड़की की बात नहीं सुन रहा था तो लड़की ने इस बात से नाराज होकर रामगढ़ थाने पर एफ आई आर दर्ज की इसके बाद पुलिसने मैनेजर से पूछताछ किया और चली गई.

तब मैनेजर ने लड़की और उसकी मां को बुलाया और कहा कि केस वापस ले लो हम तुम्हारा पैसा निकाल देंगे लड़की उसके बात से सहमत हो गई और बोली कि हम केस वापस लेने के लिए सहमत हैं.

माँ और बेटी जाने लगे तभी बैंक मैनेजर ने कहा कि माँ आप मत जाइए मैं खुद आपकी बेटी को ले जाता हूं और केस वापस करा कर आता हूं मां ने कहा कि हमारी बेटी को कुछ हो जाएगा तो मैनेजर ने कहा कि आपकी बेटी हमारी बेटी है इसे कुछ नहीं होगा.

कैमूर, बिहार में बैंक मैनेजर और थाना के मिलीभगत से अगवा, बलात्कार और हत्या के बाद गुस्सरे ग्रामीण

मैनेजर अपने गाड़ी से लड़की को लेकर गया लड़की केस वापस ले ली केस वापस लेने के बाद बेटी को पीटा और बोला कि तुम चमार की औकात जो हम राजपूत पर केस कर दी इसके बाद लड़की को मोहनिया वाला रोड में ले जाया जाने लगा गांव वाले एवं परिजन का कहना है कि लड़की अपने भाई के मोबाइल पर फोन की थी और बोली कि भैया मुझे यह लोग दूसरी ओर ले जा रहे हैं तभी मोबाइल छीन लिया गया.

इसके कुछ समय बाद लड़की का रेप कर उसे मोहनिया रेलवे लाइन पर फेंक दिया गया था जिसकी पहचान कर लोगों ने गांव फोन किया परिवार वाले लड़की को लेकर बनारस हॉस्पिटल में भर्ती कराया जहां लड़की ने दम तोड़ दिया अतः आप सभी लोगों से निवेदन है कि न्याय दिलाने हेतु आप जगह-जगह विरोध करे.

कैमूर में अनुसूचित जाति के लड़की का बैंक मैनेजर द्वारा अगवा और हत्या के बाद पुलिस की मिली भगत के बाद ग्रामीणों ने थाना में तोड़ फोड़ किया

दलितों को कानून से न्याय नही मिलता है. दलितों में आक्रोश है दलित बहन का बलात्कार कर के हत्या करने का मामला.कैमूर के रामगढ़ में दलित बच्ची के साथ बलात्कार व हत्या होने के बावजूद प्रशाशन का रवैया बलात्कारियों को सजा दिलाने के जगह बचाने का रहा.

इसके आक्रोश मे आ कर जनता ने सड़क जाम व आगजनी की यहां तक कि रामगढ़ थाना को भी आग के हवाले कर दिया नीतीश सरकार के जंगल राज में प्रशासन से किसी को इंसाफ कि उम्मीद नहीं बची है. कैमूर में लगातार बलात्कार और हत्या जैसे जघन्य अपराध बढ़ा है और प्रसाशन दोषियों पर करवाई करने के जगह मूक दर्शक बनी हुई है.

कैमूर में अनुसूचित जाति के लड़की का बैंक मैनेजर द्वारा अगवा और हत्या के बाद पुलिस की मिली भगत के बाद ग्रामीणों ने थाना के बहार पुलिस के वहां फुक दिया

सभी प्रदर्शनकारियों से अपील है कि कानून अपने हाथ में ना ले संविधान के दायरे में रह कर बच्ची को इंसाफ दिलाने के लिए संघर्ष और तेज करें !!

फोटो और टेक्स्ट साभार: जीतेन्द्र कुमार, फेसबुक।
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