सवर्ण आरक्षण और विश्वविद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति में 13 प्वाइंट रिजर्वेशन रोस्टर और आदिवासियों की जंगल से बेदखली के सुप्रीम कोर्ट के फरमान के खिलाफ भागलपुर में सामाजिक न्याय आंदोलन को आगे बढ़ाने और बहुजनों की सामाजिक-राजनीतिक दावेदारी को बुलंद करने के लिए सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध विभिन्न संगठनों,सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ताओं, छात्रों व बुद्धिजीवियों की बैठक स्थानीय कलाकेन्द्र में संपन्न हुई.

बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि बहुजनों की चौतरफा बेदखली और मनुवादी-सवर्ण दबदबा मजबूत करने के खिलाफ भागलपुर में जारी बहुजन आंदोलन को नई ऊंचाई दी जाए.

शहर से गांव तक समाज के हर हिस्से छात्र-नौजवान, कर्मचारी, शिक्षक, बुद्धिजीवी और आम आवाम के बीच सघन संपर्क अभियान चलाया जाए और भागलपुर शहर के स्टेशन चौक पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष ऐतिहासिक जुटान किया जाए.

इस बहुजन जुटान के जरिए केन्द्र के नरेन्द्र मोदी सरकार और बिहार के नीतीश कुमार और सुशील मोदी सरकार के खिलाफ बहुजन समाज अपनी एकजुटता व आक्रोश और सामाजिक-राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन करेगा.

बैठक में तय हुआ कि बहुजन समाज हर हिस्से से मनुवादी हमले के खिलाफ एक दिन सारा काम बंद कर सड़क पर उतरने की अपील की जाएगी.

बैठक में मौजूद सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि बहुजन समाज के नाम पर चल रही राजनीतिक शक्तियों और बहुजन राजनेताओं ने कमोबेश मनुवादी हमले के सामने सरेंडर कर दिया है. ऐसी स्थिति में समाज को ही खड़ा होना होगा.जिंदा व जगे होने का एलान करना होगा.2अप्रैल 2018 के ऐतिहासिक आंदोलन की भावना के साथ मोर्चा लेना होगा.

Planing for Bahujan protest against Swarna Reservation, 13 point roster and supreme court decision against Adiwasi, Bhagalpur 25 02 219, Photo Sonam Kumar

बैठक में तय हुआ कि संख्यानुपात में भागीदारी की गारंटी के लिए अंत्यंत पिछड़ा वर्ग- अन्य पिछड़ा वर्ग (इबीसी-ओबीसी) का आरक्षण बढ़ाने के लिए आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से बढाकर 69 प्रतिशत करने, न्यायपालिका व निजी क्षेत्र में आरक्षण लागू करने सहित सामाजिक न्याय के अन्य मुद्दों पर भी आवाज बुलंद होगी.

बैठक में राष्ट्र सेवा दल के उदय, रविन्द्र कुमार सिंह, सामाजिक न्याय आंदोलन, बिहार के रिंकु यादव, रामानंद पासवान, गौतम कुमार प्रीतम,अंजनी, बिहार फुले-अंबेडकर युवा मंच के अंश देव निराला, दीपक प्रभाकर, राष्ट्रीय प्रगति पार्टी के नीरज, आशीष कुमार स्कंद, छात्र नेता-मिथिलेश विश्वास, सौरव राणा, सोनम राव, अभिषेक आनंद, सुधांशु सुधाकर, राजीव विश्वास, सामाजिक कार्यकर्ता- ललन,गौतम, डॉ. विजय पासवान, रविन्द्र दास, विष्णुदेव दास, सहेन्द्र साहू, सुमेश्वर यादव, महेश अंबेडकर, सोहेल दास प्रमुख तौर पर मौजूद थे.