आर्थिक आधार पर दस प्रतिशत आरक्षण (सवर्ण आरक्षण) और विश्वविद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति में विभागवार 13 प्वाइंट आरक्षण रोस्टर के खिलाफ भागलपुर में बहुजन छात्रों ने 7 फ़रवरी 2019 को जुझारु प्रतिरोध मार्च व प्रदर्शन किया.

सवर्ण आरक्षण और विश्वविद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति में विभागवार 13 प्वाइंट रिजर्वेशन रोस्टर के खिलाफ तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय परिसर के बहुद्देश्यीय प्रेक्षालय से बहुजन छात्रों का जोरदार प्रतिरोध मार्च निकाला.

मार्च के दरम्यान विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन के सामने छात्रों ने प्रर्दशन किया और कुलपति के द्वारा यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) के नाम 13 प्वाइंट रिजर्वेशन रोस्टर के खिलाफ ज्ञापन सौंपा. इसके बाद प्रतिरोध मार्च शहर के मुख्य सड़क मार्ग से गुजरते हुए आयुक्त कार्यालय समक्ष आकर प्रदर्शन में तब्दील हो गया. इसके बाद यह विरोध प्रदर्शन जन सभा के साथ समाप्त हुआ.

Opposing 13 Point Reservation Roster in Tilka Manjhi Bhagalpur University ०७ ०२ २०१९

आयुक्त कार्यालय को दस प्रतिशत सवर्ण आरक्षण और 13 प्वाइंट आरक्षण रोस्टर को रद्द करने, और 200 प्वाइंट रोस्टर के लिए अध्यादेश लाने, तथा संख्यानुपात में सभी समुदायों को प्रतिनिधित्व की गारंटी देने के लिए दलितों-आदिवासियों-पिछड़ों के आरक्षण की सीमा राष्ट्रीय स्तर पर 50% से बढ़ाकर 69% करने, न्यायपालिका व निजी क्षेत्र में आरक्षण देने और 1990 से बैकलॉग भरने की गारंटी के साथ तमाम सरकारी रिक्त पदों पर नियुक्ति करने की मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया.

मार्च का नेतृत्व अंजनी, अजय कुमार राम, वीरेंद्र गौतम, सौरव राणा, मिथलेश विश्वास, विभूति, सोनम, हीरालाल, रवि कुशवाहा, अमित, राजेश, सौरभ कुमार, सुधांशु, संजीव, सार्थक भारत, अभिषेक आनंद कर रहे थे.

इस मौके पर आयुक्त कार्यालय के समक्ष सभा को संबोधित करते हुए सामाजिक न्याय आंदोलन, बिहार के कोर कमिटी सदस्य अंजनी और बिहार फुले-अंबेडकर युवा मंच के अजय कुमार राम ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार संविधान और सामाजिक न्याय पर लगातार हमला बोल रही है. संविधान संशोधन के जरिए सवर्ण आरक्षण लागू कर इस सरकार ने मनुविधान थोपने की दिशा में कदम बढ़ाया है. शासन-सत्ता की संस्थाओं पर सवर्णों की गिरफ्त को मजबूत बनाने का काम किया है.इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है.

सौरव राणा और मिथलेश विश्वास ने कहा कि विश्वविद्यालयों में विभागवार 13 प्वाइंट आरक्षण रोस्टर के जरिए शिक्षक नियुक्ति में दलितों-आदिवासियों-पिछड़ों का आरक्षण खत्म किया जा रहा है. एक तरफ सवर्णों को दस प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है और दूसरी ओर दलितों-आदिवासियों-पिछड़ों का आरक्षण खत्म किया जा रहा है.

Opposing 13 Point Reservation Roster in Tilka Manjhi Bhagalpur University ०७ ०२ २०१९

13 प्वाइंट रिजर्वेशन रोस्टर के जरिए उच्च शिक्षा में द्रोणाचार्यों का दबदबा बढ़ेगा.

अमित यादव और सार्थक भरत ने कहा कि केन्द्र सरकार अविलंब विश्वविद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति में अध्यादेश लाकर 13 प्वाइंट रिजर्वेशन रोस्टर रद्द करते हुए 200 प्वाइंट रिजर्वेशन रोस्टर को लागू करे और यूनिट विभाग के बजाय विश्वविद्यालय को बनाए.

विभूति और रवि कुशवाहा ने कहा कि सवर्ण आरक्षण दलितों-आदिवासियों-पिछड़ों के आरक्षण पर हमला है. केन्द्र सरकार सवर्ण आरक्षण व संविधान संशोधन को अविलंब रद्द करे.

राजेश रौशन और अभिषेक आनंद ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए सत्ता-शासन की संस्थाओं में दलितों-आदिवासियों-पिछड़ों की संख्यानुपात में भागीदारी की गारंटी के लिए आरक्षण की सीमा 50प्रतिशत से बढ़ाकर 69 प्रतिशत करने की गारंटी होनी चाहिए.

सोनम राव और रंजन कुमार ने न्यायपालिका व निजी क्षेत्र में आरक्षण लागू करने के साथ 1990 से बैकलॉग भरने की गारंटी के साथ तमाम सरकारी रिक्तियों को भरने की मांग की.

मार्च में प्रमुख तौर पर शामिल थे- अंशदेव, सुंदन, अमन, उत्तम, रघुनंदन, अखिलेश रमण, नसीब रविदास, प्रीतम, पवन, दिनेश, विनय, रवि, साजन, विपिन, विजय, लक्ष्मण, गोलू, सन्नी, मिंटु, पंकज,संजीव, रूपेश विश्वास,भाष्कर, दीपक प्रभाकर, प्रमोद राम सहित.

छात्रों की एकजुटता में सामाजिक न्याय आंदोलन,बिहार के कोर कमिटी सदस्य रिंकु यादव और पीस सेंटर परिधि के राहुल राजीव भी प्रतिरोध मार्च में शामिल थे.