बिहार विधानमंडल से सवर्ण आरक्षण बिल पास होने के विरोध में आज भागलपुर स्टेशन चौक पर प्रतिवाद प्रदर्शन हुआ और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला फूंका गया.

इस मौके पर सामाजिक न्याय आंदोलन, बिहार के कोर कमिटी के सदस्य अर्जुन शर्मा और अंजनी ने कहा कि दलितों – पिछड़ों का वोट लेकर सत्ता में पहुंचे नीतीश कुमार ने नरेंद्र मोदी सरकार के साथ कदमताल करते हुए बिहार विधानमंडल से सवर्ण आरक्षण बिल पास करवाकर संविधान व सामाजिक न्याय की हत्या की है .

रामानंद पासवान और बिहार फुले अंबेडकर युवा मंच के अजय कुमार राम ने कहा कि नीतीश कुमार सवर्ण आरक्षण विरोधियों को खामियाजा भुगतने की धमकी देकर मनुवाद और सवर्ण सामंती शक्तियों के दलाली का चैंपियन बनने की कोशिश कर रहे हैं.

सौरव राणा और मिथिलेश विश्वास ने कहा कि नीतीश कुमार का यह कहना है कि सवर्ण आरक्षण से दलितों पिछड़ों के आरक्षण पर प्रभाव नहीं पड़ेगा, सरासर झूठ है. सवर्ण आरक्षण सीधे-सीधे दलितों – पिछड़ों के आरक्षण पर हमला है.

सोनम राव और विभूति ने कहा कि सवर्ण आरक्षण संविधान के मूल ढांचे को क्षतिग्रस्त कर लागू किया जा रहा है, सामाजिक न्याय और आरक्षण के आधार को बदला गया है. यह दलितों-आदिवासियों , पिछड़ों के आरक्षण के खात्मे का रास्ता बनाना है.

रिंकु यादव और डॉ मुकेश कुमार ने कहा कि सवर्ण आरक्षण पक्षधर बहुत सारी पार्टियां और राजनेता पिछड़ों का आरक्षण बढ़ाने की बात कर संविधान, सामाजिक न्याय और बहुजन विरोधी चेहरा व चरित्र छिपाने की कोशिश कर रहे हैं. सचमुच में जो सवर्ण आरक्षण के पक्ष में है, वह संविधान, सामाजिक न्याय और बहुजनों का दुश्मन है.

अभिषेक आनंद ने कहा कि बहुजनों का वोट लेकर सवर्णों की दलाली और मनुवाद की सेवा करने वाले राजनीतिक पार्टियों और राजनेताओं को बहुजन समाज सबक सिखाएगा.

इस मौके पर नंदकिशोर, चंदन, अखिलेश, विभूति, अभिषेक, सोनम राव, मिथिलेश विश्वास, सौरव राणा सहित कई अन्य उपस्थित थे.