जमशेदपुर, आज दिनांक 19  फरवरी 2019 को झारखंड जनतांत्रिक महासभा एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के द्वारा साक्षी स्थित अंबेडकर चौक से जुबली पार्क मेन गेट तक पुलवामा में शहीद हुए जवानों के सम्मान में कैंडल मार्च का आयोजन किया गया था.

साथ ही झारखंडी विजय सोरेंग के सम्मान में जुबली पार्क स्ट्रीट गोल चक्कर का नाम शहीद विजय सोरेंग के नाम से करने का घोषणा किए थे, लेकिन जैसे ही हम लोगों बाबा साहब भीमराव अंबेडकर अंबेडकर चौक से जुबली पार्क कोलकाता बढ़ाएं पुलिस प्रशासन ने रोक लिया और कहा कि चौक का नामकरण आप लोग बेशर्मी के नाम से नहीं कर सकते हैं, गैरकानूनी है.

इसी बीच प्रशासन और उपस्थित लोगों के बीच बहस और धक्का-मुक्की हुआ इसके बाद वहाँ से लगभग 10 साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर के साक्षी थाना में एक घंटा तक बैठाये रखा. इसके बाद पी. आर. बॉन्ड लिखकर छोड़ दिया.

झारखंड जनतांत्रिक महासभा के दीपक रंजीत ने कहा कि इस चौक का नामकरण हम लोगों ने कर दिया है और आज से यह चौंक विजय सोरेंग के नाम से जाना जाएगा. दीपक रंजीत ने कहा कि इस चौंक के नामकरण शहीद विजय सोरेंग के नाम से नहीं होने देना झारखंडियों का अपमान है.

विस्थापित मुक्ति वाहिनी के कपूर बागी ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने जिस तरीके से हमें रोका इससे यही अंदेशा लगता है कि यह टाटा कंपनी के इशारे पर किया किया गया है. लेकिन हम रुकेंगें नहीं बल्कि अपनी लड़ाई विधिवत तरीके से जारी रखेंगें.

झारखण्ड जनतांत्रिक महासभा के कृष्णा लोहार ने कहा कि टाटा कंपनी और जिला प्रशासन के मिलीभगत से यहाँ झारखण्ड के शहीदों का अपमान हुआ और खास करके विजय सोरेंगे स्वयं झारखंड के लुप्त प्राय आदिम जनजाति खड़िया समुदाय से आया है. इसलिए यह झारखंडी शहीदों का अपमान है और यह हम लोग इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे और झारखंडी हित रक्षा के लिए हम लोग संघर्ष जारी रहेगा.

जिन लोगो को गिरफ्तार किया गया है वे हैं – अनूप महतो, बो. बी.  महतो, कपूर बागी, कृष्णा लोहार, दीपक रंजीत, लल्लन प्रसाद, विष्णु  गोप, इश्तियाक अहमद जोहर, नाजिर हुसैन, अजीत तिर्की, नारायण महानंद महानंद आदि.

कार्यक्रम में मुख्य रूप से विश्वनाथ विश्वनाथ महतो, राईमुल, सुधीर कुमार दीपक लकड़ा आदि शामिल थें.

मालूम हो कि पिछले दिनों झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास (भारतीय जनता पार्टी/ भाजपा/ BJP) ने शहीद विजय सोरेंग के परिवार को 10 लाख रुपया देने की पेशकश की थी लेकिन शहीद विजय सोरेंग के परिवार वालो ने ये रकम सरकार को लौटा दिया तथा कहा कि अन्य राज्यों के सरकारों के द्वारा पुलवामा में हुए शहीदों को दिए गए सहायता राशि के तुलना में बहुत कम है तथा एक तरह से झारखंड के जवानों के शहादत का अपमान भी है।

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जहाँ एक तरफ भाजपा-आरएसएस (BJP-RSS) के लोग देश में घूम घूम कर राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ा रही है वहीं दूसरी तरफ शहीद हुए जवान के नाम पर चौक का नामकरण कर रहे सामाजिक राजनीतिक कार्यकर्ता का गिरफ्तारी भाजपा नेतृत्व वाली झारखंड सरकार के इशारे पर झारखंड पुलिस के द्वारा करवा रही है।

हम झारखंड जनतांत्रिक महासभा के तरफ से सभी गिरफ्तार साथियों की रिहाई की माँग करते हैं तथा उक्त चौक का नामांकरण शहीद विजय सोरेंग के नाम से करने का माँग करते हैं।

उलगुलान जिंदाबाद