बिहार के भागलपुर जिले में महादलितों के घर दबंग जातियों पर कहर के बाद, सामाजिक न्याय आंदोलन, बिहार की टीम ने महादलित टोले का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की.

भागलपुर जिला के कहलगांव प्रखंड के घोघा थाना क्षेत्र के पन्नुचक मुसहरी (महादलित टोला) पर मंडल (गंगोत्री) जाति के दबंगों ने 12 फरवरी, 2019 की सुबह कहर बरपाया है. इसमें लगभग 5 दर्जन घरों-झोपड़ियों को उजाड़ दिया गया है. घरेलू सामान, गहना और रुपये-पैसे को लूट लिया गया है. शौचालयों व चापकलों को भी तोड़ दिया गया है.आधे दर्जन स्त्री-पुरुष घायल हैं. घटना के समय अधिकांश पुरुष काम पर निकल गये थे.

हमलेम में छतिग्रस्त घाट और घर का सामान

उल्लेखनीय है कि यहाँ लंबे समय से दबंगों के साथ महादलित परिवारों का भूमि विवाद चल रहा है. महादलित परिवारों के पास केवल वासभूमि (रहने की भूमि) ही है. पिछले दौर में महादलितों की जमीन सर्वे में किसी भूस्वामी के नाम से हो गया था. भूस्वामी ने जमीन को दबंगों के पास बेच दिया. जमीन पर कई पीढ़ियों से महादलित परिवार रह रहे हैं. दबंगों द्वारा लंबे समय से जमीन पर कब्जा की कोशिश चल रही है, इसमें स्थानीय पुलिस-प्रशासन की भूमिका पूर्व में  भी दबंगों के पक्ष में रही है.

पीड़ित परिवारों ने बातचीत में बताया कि 12 फरवरी, 2019 की सुबह 7-8 बजे के बीच  लगभग 100 की संख्या में दबंगों ने संगठित होकर मोहल्ले पर हमला किया. घहमले में रों-झोपड़ियों, शौचालयों व चापाकलों को क्षतिग्रस्त कर दिया. घरेलू सामान, गहनों व रूपये-पैसे को लूट लिया गया. घटना के समय अधिकांश पुरुष काम करने निकल गये थे. मोहल्ले में मौजूद बूढ़े पुरूष, बच्चे व महिलाऐं डर से इधर-उधर भाग गये. बूढ़ी महिला लखिया देवी के साथ कई घायल भी हुए हैं.

सियाराम ऋषिदेव, जलधर ऋषिदेव, रोहित ऋषिदेव सहित अन्य ने बताया कि स्थानीय पुलिस-प्रशासन दबंगों के पक्ष में है, अभी किसी अपराधी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. उल्टे ही पीड़ित महादलितों पर भी मुकदमा दर्ज कर दिया गया है. अभी तक तात्कालिक तौर पर पीड़ित परिवारों को न तो राहत मुहैया कराया गया है और न ही घटनास्थल पर सुरक्षा के लिए अस्थायी तौर पर पुलिस बल की तैनाती की गई है.

एक पीड़िता

पीड़ित परिवारों ने बताया कि घटना के पूर्व रात्रि में विवादित खाली जमीन पर दबंगों ने वॉलीबॉल टूर्नामेंट आयोजित किया था.

टूर्नामेंट का उद्घाटन मंडल जाति से ही आने वाले राजद के स्थानीय सांसद बुलो मंडल ने किया था.

पीड़ित परिवारों का मानना है कि दबंगों को राजद सांसद का संरक्षण हासिल है. पीड़ित महादलित परिवार दबंगों के हमले को राजद सांसद के दबंगों द्वारा आयोजित टूर्नामेंट में आने से जोड़कर देख रहे हैं.

सामाजिक न्याय आंदोलन, बिहार के कोर कमिटी सदस्य रिंकु यादव और गौतम कुमार प्रीतम ने महादलित टोले का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की.

गौतम कुमार प्रीतम ने जारी प्रेस बयान में कहा है कि इस घटना पर स्थानीय सांसद और विधायक को चुप्पी तोड़नी चाहिए और पीड़ित परिवारों के न्याय के पक्ष में खड़ा होना चाहिए.

रिंकु यादव ने कहा है कि नीतीश कुमार-सुशील मोदी के राज में पूरे बिहार में दलितों-गरीबों पर जुल्म बढ़ गया है. सरकारी मशीनरी या फिर सरकार के संरक्षण में दबंगों-सामंतों-माफियाओं द्वारा भूमिहीन दलितों-कमजोर समुदायों को बरसों से बसे जमीन से उजाड़ने का सिलसिला पूरे बिहार में चल रहा है. सत्ता तो दलितों-गरीबों पर कहर बनकर बरप ही रही है. विपक्षी पार्टियों,दलित-पिछड़े राजनेताओं-जन प्रतिनिधियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में रहती है.

सामाजिक न्याय आंदोलन, बिहार की कोर कमिटी सदस्य रिंकु यादव और गौतम कुमार प्रीतम ने पीड़ित महादलितों परिवारों को अविलंब इंदिरा आवास मुहैया कराने, तत्काल राहत देने, क्षति-पूर्ति मुआवजा और सुरक्षा देने की माँग की है.

दोनों नेताओं ने पीड़ित परिवारों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने के साथ अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी मांग की है. अन्यथा आंदोलन तेज किया जाएगा.