तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के बहुजन शिक्षकों डॉ. योगेंद्र महतो और डॉ. विलक्षण रविदास पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (ABVP) के भगवा गुंडों के हमले के खिलाफ आज भागलपुर स्टेशन चौक पर विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों-छात्रों-नागरिकों ने साझा प्रतिवाद-प्रर्दशन किया और हमले के दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की.

इस मौके पर सामाजिक न्याय आंदोलन,बिहार के अर्जुन शर्मा ने कहा कि डॉ. योगेंद्र महतो और डॉ. विलक्षण रविदास पर हमला कर ABVP ने अपना मनुवादी-जातिवादी चरित्र उजागर किया है. इस मनुवादी हमले को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है.

इस मौके पर डॉ. मुकेश और मिथलेश विश्वास ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के सत्ता में आने के बाद दलितों-पिछड़ो-आदिवासियों पर चौतरफा हमला बढ़ा है. विश्वविद्यालयों में भी दलित-आदिवासी-पिछड़े व अल्पसंख्यक शिक्षक और छात्र मनुवादी हमले व दमन के निशाने पर लगातार आ रहे हैं. ABVP जगह-जगह हमले का नेतृत्व कर रहा है. पिछले दिनों मोतिहारी स्थित केन्द्रीय विश्वविद्यालय में भी पिछड़े समुदाय के शिक्षक संजय कुमार यादव पर जानलेवा हमला किया गया था.

बिहार फूले-अंबेडकर मंच के अजय कुमार राम और सामाजिक न्याय आंदोलन,बिहार के सौरव राणा ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार में विश्वविद्यालयों में सामाजिक न्याय व लोकतंत्र के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया गया है. रोहित वेमुला की सांस्थानिक हत्या से लेकर शिक्षक नियुक्ति में 13 प्वाइंट रोस्टर तक यह जारी है.

Protest Demostration against attack on Bahuajn Teachers in Tilka Manjhi Bhagalpur University Photo by Sonam Kumar The National Press

अभिषेक आनंद और सार्थक भरत ने कहा कि डॉ. योगेंद्र महतो और डॉ. विलक्षण रविदास पर हमला करनेवाले भगवा गुंडों की अविलंब गिरफ्तारी हो, नहीं तो आंदोलन तेज किया जाएगा.नीतीश कुमार-सुशील मोदी की सरकार में मनुवादी-सवर्ण सामंती शक्तियां बेलगाम हैं.बिहार सरकार घोर मनुवादी केन्द्र सरकार के साथ कदमताल कर रही है.दलितों-अतिपिछड़ों-पिछड़ों पर हमला करने वालों को संरक्षण दिया जा रहा है.

इस मौके पर सामाजिक न्याय आंदोलन, बिहार के रिंकु यादव,अंजनी, रामानंद पासवान, अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के रिसर्च स्कॉलर नीरज कुमार, कपिलदेव मंडल, रवि कुमार रौशन, सोनम राव, गौतम, आकाश आनंद, युवराज राय, मनोज मीता, आशीष, पोली पासवान, अंशदेव निराला, दिवाकर, डॉ संजीव, रामनारायण भाष्कर सहित कई गण्यमान्य लो मौजूद थे.