पटना, 16 फरवरी। राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से नैतिकता के आधार पर तत्काल इस्तीफा देने को कहा है. बिहार के बहुचर्चित मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन उत्पीड़न केस से जुड़े एक मामले में विशेष पॉक्सो कोर्ट के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ केंद्रीय जाँच एजेंसी (Central Bureau of Investigation/ CBI सीबीआई) जांच के आदेश दिए जाने के बाद राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि अब तो नीतीश कुमार जी की अंतरात्मा जाग जानी चाहिए और इस आदेश के बाद उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए. कुशवाहा ने कहा कि पार्टी का मानना है कि मुख्यमंत्री रहते हुए नीतीश कुमार के खिलाफ निष्टपक्ष जांच नहीं हो सकती. इसलिए तत्काल वे अपने पद से इस्तीफा दें ताकि चौंतीस बच्चियों के बलात्कार के मामले की जांच प्रभावित न हो.

पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता व महासचिव ने बयान जारी कर कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का मानना है कि नीतीश कुमार दोहरा मापदंड नहीं अपना सकते. महागठबंधन में रहते हुए लालू यादव जी और उनके परिवार पर आरोप लगाने के बाद उनसे इस्तीफा मांगा गया था. तब उनकी अंतरात्मा जागी थी, अब क्यों सोई हुई है. अब तो अदालत ने उनके खिलाफ जांच के आदेश दिया है. कुशवाहा ने कहा कि अंतरात्मा को जगाएं और अदालत का सम्मान करते हुए जांच में सहयोग करें.

कुशवाहा ने कहा कि सीबीआई निष्पक्ष जांच करे तो सृजन घोटाले में भी नीतीश कुमार फंसेंगे. इस जांच से बचने के लिए ही नीतीश कुमार ने अपनी अंतरात्मा को जगाया था और महागठबंधन छोड़ कर रातोंरात भाजपा के वाशिंग मशीन में जाकर खुद को पाक-साफ कर लिया था. कुशवाहा ने कहा कि सुशासन की दुहाई देने वाली सरकार के मुखिया पर गंभीर आरप लगे हैं. लेकिन हैरत है कि अदालत के इस आदेश के बाद भी वे अपने पद पर जमं हैं. रालोसपा उनके तत्काल इस्तीफे की मांग करती है और वे इस्तीफे नहीं देते हैं तो राज्यपाल उन्हें बर्खास्त करें.

फ़ज़ल इमाम मल्लिक, राष्ट्रीय प्रवक्ता, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी