शहीद जगदेव प्रसाद के जन्मदिन के अवसर पर तिलकामांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी में राज्य और देश के वर्तमान परिदृश्य में शहीद जगदेव प्रसाद के विचार व विरासत पर चर्चा की गई. इस मौके पर चर्चा की शुरुआत करते हुए शोध छात्र अमित कुमार ने कहा कि शहीद जगदेव प्रसाद शोषितों और शासकों का विभाजन मिटाकर एक मानवता पूर्ण समाज बनाना चाहते थे.

सामाजिक न्याय आंदोलन, बिहार के कोर कमेटी सदस्य रिंकू यादव ने कहा कि शहीद जगदेव प्रसाद ने 90% शोषितों की धन धरती वा राजपाट में 90% की हिस्सेदारी भागीदारी के संघर्ष में शहादत दी थी. आज के दौर में शोषितों व शासको के बीच की खाई और चौड़ी हुई है, हमें शहीद जगदेव के विचारों के रोशनी में आगे बढ़ते हुए सामाजिक आर्थिक विषमता के खिलाफ संघर्ष तेज करना होगा.

Jagdev Jayanti Jagdev Jayanti Tilka Manjhi Bhagalpur University, Bihar, Hostel No 4, 02.02.2019

सौरव राणा ने कहा कि वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार शहीद जगदेव प्रसाद के सपनों के खिलाफ काम कर रही है. भाजपा एक और जहाँ सवर्णों को आरक्षण दे रही है, वहीँ  दूसरी ओर दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों का आरक्षण खत्म कर रही है.

अंश देव निराला ने कहा कि शहीद जगदेव प्रसाद राजपाठ में 90 भाग शोषितों के 90% हिस्सेदारी के पक्ष में थे. भाजपा सरकार शासन सत्ता की संस्थाओं के सवर्णों के वर्चस्व को सुनिश्चित कर रही है.

राजेश रोशन कि यूनिवर्सिटी में शिक्षक नियुक्ति में विभागावार 13 आरक्षण पॉइंट रोस्टर के जरिए आदिवासियों, दलितों और पिछड़े वर्ग का आरक्षण लगभग खत्म कर दिया गया है, इसे असरहीन बना दिया गया है. आदिवासियों का आरक्षण तो लगभग पूर्णतः खत्म हो गया है. अर्थात स्पस्ट है कि अब भी यूनिवर्सिटी द्रोणाचार्य के हवाले रहेगा और वह एकलव्य का अंगूठा काटता रहेगा.

कार्यक्रम का संचालन करते हुए मिथलेश बिश्वास ने कहा कि शहीद जगदेव प्रसाद किसी विशेष जाति के नेता नहीं थे – वे 90% शोषितों के नेता थे. उन्होंने किसी जाति विशेष के दायरे में कैद नहीं किया जा सकता है. उन्होंने पुरे 90% शोषितो के लिए कार्य किया है.

Jagdev Jayanti Jagdev Jayanti Tilka Manjhi Bhagalpur University, Bihar, Hostel No 4, 02.02.2019

इस मौके पर बिभूति कुमार, ऋषि रजक, चन्दन पासवान, रुपेश विश्वास, अभिषेक आनंद, आदित्य आनंद, राज रंजन यादव, गौतम कुमार, अभिनन्दन कुमार, सोनम कुमार, युवराज कुमार रॉय, सुमन समर्थ, सुंदन सुमन, अरविन्द राज गुप्ता, अखिलेश कुमार, विकास कुमार, नंदकिशोर भर्ती आदि ने भी अपने-अपने महत्वपूर्ब विचार रखें.