रिहाई मंच के एक प्रतिनिधिमंडल ने सरायमीर पुलिस द्वारा अवैध हिरासत में रखकर हिंसा का शिकार बनाए गए, अभिषेक यादव, पुत्र लोरिक यादव, निवासी पवई लाडपुर, सरायमीर, आज़मगढ़ से जिला अस्पताल आज़मगढ़ में मुलाकात की।

अभिषेक यादव ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि उसे शनिवार, 16 मार्च, 2019 की शाम 5 बजे के करीब गांव से ही पुलिस वालों ने उठा लिया था।

परिजनों द्वारा सूचना दिए जाने और किसी अनहोनी की आशंका जताए जाने को लेकर रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव ने डीजीपी उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न अधिकारियों और मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखकर हस्तक्षेप का अनुरोध किया था।

पुलिस की पिटाई से घायल अभिषेक यादव को सरायमीर पुलिस ने अंत में धारा 151 में चालान कर दिया, और अभी इनका ज़िला अस्पताल में उपचार चल रहा है।

उत्तर प्रदेश में इनकाउंटर के नाम पर राह चलते नवजवानों को उठाकर उन्हें मुठभेड़ में मार गिराने या घायल कर देने के सैकड़ों मामले सामने आ चुके हैं. जिससे आमजनों में भय का माहौल है. जबकि बड़े अपराधी खुले आम आतंक मचाते फिर रहे हैं और प्रदेश में अपराध का ग्राफ बढ़ता जा रहा है।

अभिषेक यादव ने बताया कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार को लेकर उसने कई बार आपत्ति की थी जिसके चलते पुलिस वालों से मिलकर उसे फंसाने और उसकी आवाज़ बंद करने का प्रयास किया गया।

उसके पिता लोरिक यादव ने भी कहा कि इससे पहले भी थाने की मिलीभगत से इस तरह की साजिश की जा चुकी है, जिससे उच्च अधिकारियों को अवगत भी कराया गया था।

प्रतिनिधिमंडल में विनोद यादव, अवधेश यादव, तारिक शफीक, बांकेलाल यादव और मसीहुद्दीन संजरी शामिल थे।

प्रेस विज्ञप्ति जारी, राजीव यादव, रिहाई मंच