संविधान व सामाजिक न्याय विरोधी सवर्ण आरक्षण रद्द करने, विश्वविद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति में विभागवार 13 प्वाइंट रोस्टर रद्द करने और जंगल-जमीन से लाखों आदिवासियों की बेदखली की साजिश पर रोक लगाने की प्रमुख मांगों को लेकर विभिन्न संगठनों और बहुजन समाज की ओर से आहुत बंद को भागलपुर में सफल बनाने के लिए सामाजिक न्याय आंदोलन, बिहार, बिहार फुले-अंबेडकर युवा मंच, राष्ट्रीय प्रगति पार्टी और राष्ट्र सेवा दल के संयुक्त बैनर तलेबहुजन समाज के सैकड़ों लोग स्टेशन चौक पर जुटे और शहर के अंदर बंद की अपील के साथ शांतिपूर्ण मार्च किया.

भारत बंद, भागलपुर, बिहार, फोटो सोनम कुमार

दूसरी तरफ, सामाजिक न्याय आंदोलन, बिहार और बिहार फुले-अंबेडकर युवा मंच से जुड़े सैकड़ों छात्रों ने विश्वविद्यालय बंद कराते हुए भागलपुर स्टेशन चौक पर पहुंचकर भागलपुर बंद में भागीदारी निभाई. छात्रों का नेतृत्व मिथिलेश, अजय कुमार राम, सौरव राणा, अभिषेक आनंद, विभूति, राजेश रौशन, सरोज, हीरा लाल, सोनम राव, चंदन पासवान, संजीव, सुंदन सहित कई एक कर रहे थे. छात्रों के जत्थे में प्रमुख तौर पर शामिल थे – रघुनंदन दास, संजीव, विकास, रौशन, उत्कर्ष, धर्मेंद्र, अंकित, छब्बू, ऋषि रजक, रंजन, अखिलेश, आकाश आनंद, मिथलेश, अभिनंदन, आशिष, रूपेश विश्वास, विनय, दीपक, सुशील, सुमन सहित सैकडों.

मिथिलेश और अजय कुमार राम ने कहा कि विभागवार 13 प्वाइंट रोस्टर के जरिए उच्च शिक्षा से बहुजनों को बेदखल करने की साजिश हो रही है. इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है.

सौरव राणा और राजेश रौशन ने कहा कि इस बार एकलव्य अंगूठा नहीं देगा. बल्कि मनुवादी शक्तियों से आर-पार की लड़ाई लड़ेगा.

भारत बंद, भागलपुर, बिहार, फोटो सोनम कुमार

सोनम राव, विभूति और सरोज ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार बहुजन छात्रों की आवाज सुने और अविलंब 200 प्वाइंट रोस्टर के पक्ष में अध्यादेश लाए.

बिहार फुले-अंबेडकर युवा मंच, सामाजिक न्याय आंदोलन, बिहार, राष्ट्रीय प्रगति पार्टी और राष्ट्र सेवा दल की ओर से भागलपुर में भारत बंद को सफल बनाने के आह्वान के साथ प्रो. विलक्षण रविदास, रिंकु यादव, रामानंद पासवान, अंजनी, अशोक कुमार गौतम, उदय, शंकर बिंद, नीरज, सौरव, अर्जुन शर्मा, विजय पासवान, गंगा दास, नसीब दास के नेतृत्व में बड़ी तादाद में बहुजन समाज के लोग स्टेशन चौक पर डटे रहे.

बिहार फुले-अंबेडकर युवा मंच के संरक्षक प्रो. डॉ. विलक्षण रविदास और राष्ट्र सेवा दल के राज्य अध्यक्ष उदय ने कहा कि पूरे भारत के बहुजनों ने सड़क पर उतरकर एलान कर दिया है कि बहुजन समाज संविधान व सामाजिक न्याय पर हमला कतई बर्दाश्त नहीं करेगा. मनुविधान थोपने और मनुवादी सवर्ण वर्चस्व मजबूत करने की नरेन्द्र मोदी सरकार के साजिशों को सफल नहीं होने देगा.

सामाजिक न्याय आंदोलन, बिहार के रिंकु यादव और रामानंद पासवान ने कहा कि आज बहुजनों ने ऐलान कर दिया है कि संविधान व सामाजिक न्याय विरोधी सवर्ण आरक्षण के खिलाफ निर्णायक लड़ाई होगी. सवर्ण आरक्षण दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों के आरक्षण पर हमला है. इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता!

राष्ट्र प्रगति पार्टी के नीरज कुमार और सामाजिक न्याय आंदोलन के सौरव कुमार ने कहा कि देश के बहुजनों ने नरेन्द्र मोदी सरकार से भारत बंद में उतरकर साफ कह दिया है कि वह अविलंब 13 प्वाइंट रोस्टर के खिलाफ 200 प्वाइंट रोस्टर के पक्ष में अध्यादेश लाए. जंगल-जमीन से लाखों आदिवासियों की बेदखली के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ अविलंब अध्यादेश लाया जाए.

सामाजिक न्याय आंदोलन, बिहार के अर्जुन शर्मा और अंजनी ने कहा कि भारत बंद से बहुजनों ने ऐलान कर दिया है कि न्यायपालिका व निजी क्षेत्र में आरक्षण लागू हो. अतिपिछड़ों-पिछड़ों का आरक्षण आबादी अनुपात में बढ़ाया जाए.बहुजन समाज की लड़ाई रूकेगी नहीं, मनुवाद का किला ध्वस्त होकर रहेगा.