पटना, 26 मार्च, 2019. पटना के आइएमए हॉल में सामाजिक न्याय आंदोलन, बिहार के कोर कमिटी की बैठक संपन्न हुई. इसमें यह निर्णय लिया गया कि बिहार सहित प्रे देश में भाजपा व उसके सहयोगियों को खारिज किया जाएगा. साथ ही विपक्षी पार्टियों से सामाजिक न्याय के मुद्दों पर हिसाब लिया जाएगा. इसी सोच और और नारे के साथ अभियान चलाया जाएगा.

बैठक में निर्णय लिया गया कि-
१) सवर्ण आरक्षण को रद्द करने
२) अतिपिछड़ों और पिछड़ों को आबादी के हिसाब से आरक्षण देने
३) आरक्षण इस वर्ग के आरक्षण की सिमा को बढाकर 69 प्रतिशत करने
४) न्यायपालिका व निजी क्षेत्र में आरक्षण लागू करने
५) जाति-जनगणना कराने
६) अतिपिछड़ों के लिए उत्पीड़न निवारण कानून बनाने
७) निजीकरण को रोकने
८) सभी के लिए एकसमान शिक्षा व्यवस्था लागु करने
९) भूमि के कॉरपोरेट लूट पर रोक लगाने
१०) बहुजनों को भूमि अधिकार देने
११) अन्य सम्बंधित माँगें

इन सभी मांगों को चुनावी एजेंडा बनाने के लिए जोरदार अभियान चलाया जाएगा।  

बैठक में इसपर जोर दिया गया कि –

हमारा वोट हमारा अधिकार है, हमारा औजार है, हमारी ताकत है. हम चुनाव में महज वोटर बनकर नहीं रहेंगे, बल्कि दावेदारी को सामने लाएंगे!

चुनाव के बाद सामाजिक न्याय के इन्हीं मुद्दों पर आने वाली सरकार से भी दो-दो हाथ करेंगे!

इस अभियान की शुरुआत  2 अप्रैल, 2018 के ऐतिहासिक भारत बंद याद करते हुए, 2 अप्रैल, 2019 के शहीदों को श्रद्धांजलि के साथ होगी.

अभियान का समापन विभिन्न जगहों पर डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती समारोह के साथ होगा.

बैठक की अध्यक्षता, हरिकेश्वर राम और संचालन, बाल्मीकि प्रसाद ने की. बैठक में रिंकु यादव, विष्णुदेव मोची, रामानंद पासवान, अशोक कुमार गौतम, शंकर बिंद, राकेश चंद्रवंशी, सुरेंद्र आजाद, विजय कुमार चौधरी, प्रदीप पासवान सहित दर्जनों लोक मौजूद थे.