बेगूसराय के प्रिय वाम-पथ के राही!

बेगूसराय के वाम पथ के राही कह रहे हैं, कि अगर आप कन्हैया के साथ आंख मूंदकर खड़ा नहीं हैं तो आप जातिवादी हैं! वामपंथी जाति को नहीं मानते, इनके लिए केवल वर्ग यथार्थ है, लेकिन ये आपको जातिवादी बोलेंगे! पता नहीं! मिश्रा जी, झा जी, शर्मा जी, सिंह जी को कहाँ  से दूसरों को जातिवादी होने का सर्टिफिकेट देने का प्राधिकार मिल गया है! हाँ, यह है मनुवादी श्रेष्ठताबोध का अहंकार है; जो इन लोगों ने लाल नकाब व प्रगतिशीलता के आवरण में छिपा रखा है!

भाई, कन्हैया की तुम्हारी पक्षधरता को जातिवाद के दायरे में क्यों नहीं देखा जाना चाहिए? ऐसा क्या है कि हम कन्हैया और उसके पक्षधरों को जाति व जातिवाद से मुक्त मान लें? कन्हैया ने ऐसा क्या किया है कि उसे जाति व जातिवाद से मुक्त मान लें?

जवाहरलाल नेहरू स्टूडेंट्स यूनियन (जेएनयूएसयू/ JNUSU) के अध्यक्ष के बतौर कन्हैया की सामाजिक न्याय के प्रश्नों पर उसकी गद्दारी सामने आई है. इस दौर में संविधान व सामाजिक न्याय पर सबसे बड़े हमले सवर्ण आरक्षण पर उसकी जुबां नहीं खुली.

बेगूसराय में हाल के दिनों में भूमि आंदोलन में लगातार दलितों की हत्या हुई है, प्रतिरोध का तथाकथित चेहरा गायब रहा है!

बेगूसराय में कुशवाहा छात्रावास पर हमला हुआ, आप तो सड़क पर नहीं आए!

2 अप्रैल, 2018 और 5 मार्च, 2019 को आपकी आवाज सड़क पर नहीं गूंज रही थी. कैमरे की लाइट में आपके चेहरे नहीं चमक रहे थे.

आपके संग-संग तो जय भूमिहार और जय ब्रह्मेश्वर वाले भी शामिल हैं.

आप ब्रह्मेश्वर -मुर्दाबाद और रणवीर सेना द्वारा रचाए गये जनसंहारों में अनुत्तरित इंसाफ के सवाल पर अपनी जुबान खोलिए.

आप तो अच्छे वक्ता हैं, नरेन्द्र मोदी को मुंहतोड़ जवाब देते हैं, किसी को भी बहस में हराने की क्षमता रखते हैं तो अतिपिछड़ों-पिछड़ों का आरक्षण आबादी के अनुपात में बढ़ाने, न्यायपालिका, मीडिया व निजी क्षेत्र में आरक्षण के सवाल पर अपनी जुबान खोलिए.

केवल नरेन्द्र मोदी के खिलाफ बोलना ही काफी नहीं है,साहब! आप जाति जनगणना का सवाल उठाईए. कहिए कि एससी/एसटी एक्ट को 9वीं अनुसूची में डाला जाए.

आप इन प्रश्नों पर चुप रहेंगे और दूसरों को जातिवादी कहेंगे! सवाल करने वालों पर जातिवादी होने का आरोप मढ़ देंगे! ऐसा नहीं चलेगा,भाई!

बहुजनों की दृष्टि व चेतना इतनी कमजोर नहीं है. हम पहचानते हैं आप कौन हैं? मनुवादी राजनीति के वाम संस्करण और उसके नये चेहरे को हम पहचानते हैं!

आप सब जो फासीवाद के खिलाफ बेगूसराय वाम पथ पर नाच रहे हैं तो आपका भी जनेऊ दीख रहा है! नरेन्द्र मोदी विरोध के नाम पर छिपाए नहीं छिपेगा!

आप पलट कर सवाल करोगे कि तेजस्वी यादव क्या है? कौन है? या ये या वो कौन है, क्या है?

हम सब की सीमाएं समझते है! एक सीट मिल जाता तो तेजस्वी यादव और तमाम बहुजन नेताओं पर तुम्हारे उठ रहे सवाल दब जाते! लेकिन हमारे सवाल थे, हैं, रहेंगे!

लेकिन यह जान लो! मनुवादी चरित्र को लाल कपड़े में ढ़ककर तुम बहुजनों के लिए विकल्प नहीं बन सकते! बहुजनों ने यह तुम्हें पहले ही बता दिया है!

वाम-पथ के राहियों से प्रतिउत्तर के प्रतीक्षा में.