भिखारी ठाकुर की तुलना शेक्सपियर से करना भिखारी ठाकुर का अपमान है.

भिखारी ठाकुर को बिहार का शेक्सपियर कहा जाता है. लेकिन आँचल ने एक नया बहस छेड़ा है कि भिखारी ठाकुर और शेक्सपियर दोनों के लेखन क्षेत्र अलग-अलग हैं और इसलिए भिखारी ठाकुर की तुलना शेक्सपियर से करना उचित नहीं है. भिखारी ठाकुर अपनी लेखनी और कला से समाज में परिवर्तन चाहतें थें, जबकि शेक्सपियर का ऐसा कोई उद्देश्य नहीं था. आँचल का मानना है कि ऐसी तुलना भिखारी ठाकुर को बड़ा दिखाने के लिए किया जाता है जबकि ऐसा करना भिखारी ठाकुर का अपमान है. आप अध्येताओं से निवेदन हैं, लेख शेयर करें साथ ही अपनी टिपण्णी और प्रतिक्रिया भी दें – संपादक

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